संदेश

भारत में हुए ऐतिहासिक युद्ध

चित्र
समान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी  भारत में ऐतिहासिक युद्धों की कई घटनाएं हुई हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण युद्धों के बारे में जानकारी दी गई है: 1.महाभारत युद्ध (circa 3102 BCE): महाभारत युद्ध, भारतीय महाकाव्य महाभारत के महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है। इस युद्ध में पांडवों और कौरवों के बीच हुई संघर्ष का वर्णन किया गया है। 2.प्रथम पांचाल युद्ध (circa 7th century BCE): यह युद्ध महराष्ट्र के चक्रवर्ती सम्राट अशोक द्वारा चलाया गया था। यह युद्ध मगध और पांचाल राज्यों के बीच हुआ था। 3.कालिंग युद्ध (circa 261 BCE): इस युद्ध में मौर्य सम्राट अशोक की सेना ने कालिंग नामक राज्य को जीत लिया था। इस युद्ध के बाद अशोक धर्मशास्त्र के प्रचारक बने और उन्होंने अपनी सैन्य अभियानों को रोक दिया। 4.पाणिपत के युद्ध (1526, 1556, 1761): पाणिपत के युद्धों में मुग़ल साम्राज्य और दिल्ली सल्तनत के बीच संघर्ष हुआ। 5.तराइन युद्ध (1862): यह युद्ध नेपाल और ब्रिटिश भारतीय संघ के बीच हुआ था। नेपाल की सेना ने इस युद्ध में हार का सामना किया। 6.प्लासी का युद्ध (1757): यह युद्ध ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ...

रेलवे से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर | railway gk in hindi

चित्र
इस पोस्ट में भारतीय रेलवे से संबंधित कई सारे प्रश्न दिए गए हैं यह प्रश्न आपको किसी भी प्रकार की परीक्षा में अच्छेअंक दिला सकते हैं। भारतीय रेलवे से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य  भारतीय रेलवे देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उपक्रम है ।  विश्व रेलवे में इसका दूसरा और एशिया में पहला स्थान है ।  मार्च 2009 के आंकड़ों के अनुसार कुल भारतीय रेलवे लाइन 04.015 किमी. लम्बी है ।  भारत में सर्वप्रथम रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को बम्बई थाना के मध्य चली । वह दूरी 34 किमी. थी ।  स्वतंत्रता मिलने के बाद देश में रेलवे इंजन बनाने का पहला कारखाना चितरंजन में खोला गया ।  डीजल इंजन वाराणसी में बनते है । पैराम्बूर व कपूरथला में सवारी गाड़ी के डिब्बे बनाये जाते हैं  भारतीय रेलवे के विभिन्न गेज इस प्रकार है : ब्रॉड गेज बड़ी लाइन (1.647 मीटर), मीटर गेज (1 मीटर), नैरो गेज-छोटी लाइन (0.762 मीटर)।  भारतीय रेलवे से संबंधित  महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी भारत का पहला निजी रेलवे स्टेशन कौन सा है? उत्तर हबीगंज (भोपाल) भारत का पहला रेलवे स्टेशन कौन सा है...

भारत का नया संसद भवन।

चित्र
भारत के नये संसद भवन के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु। अधारशिला 10 दिसंबर 2022 परियोजना    सेन्ट्रल विष्ठा संसद निर्माण का ठेका टाटा प्रोजेक्ट itd कुल लागत 971करोड़ आकार त्रिभुजाकार मंजिल 4 लोकसभा 888 सदस्य राज्यसभा 384 सदस्य उद्घाटन 28 म‌ई को प्रधानमंत्री द्वारा - एक केंद्रीय सचिवालय का निर्माण होगा।  ~ 3 किमी राजपथ इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक -PM नया आवास (साउथ ब्लॉक)  - सभी सांसदों का अपना नया अलग दफ़्तर • डिजिटल दफ्तर, पेपर लेस दफ़्तर  एक उपराष्ट्रपति आवास (नार्थ ब्लॉक)  ★ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव  -सेंट्रल विस्टा (अर्थ) - केंद्रीय परिदृश्य  ★ PM आवास के पास PMO होगा (सत्ता का गलियारा ) 1 लेंड स्केप • ट्रैफिक इंटीग्रेशन प्लान & पार्किंग - NOTE - प्रोजेक्ट 971 करोड़ का था पर लागत 1200 करोड़ तक पहुँच गई। 

क्या एलियन पृथ्वी पर मौजूद हैं।

चित्र
हा ल ही में अमेरिका के आसमान में पहले चीन के जासूसी गुब्बारों ने चौंकाया, फिर कनाडा अमेरिका सीमा पर यूएफओ जैसी चीजें देखे जाने की घटनाओं ने सनसनी मचाई। इसके बाद से एलियन व यूएफओ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। भारत में भी यूएफओ देखे जाने की बातें होती रही हैं। दुनियाभर के यूएफओ टिप्स ने तो यहां तक दावा कर डाला है कि साल 2023 में पृथ्वीवासी एलियन से रूबरू होंगे। इसके बाद वैज्ञानिक इस खोज में लग गए हैं कि जब एलियन से इंसान का सामना होगा, तो उनका व्यवहार कैसा होगा? क्या है यूएफओ ? अन-आईडेंटिफाईड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट यानी यूएफओ का मतलब है हवा में उड़ने वाली एक ऐसी वस्तु जिसकी न तो कोई पहचान है और न ही कोई जानकारी मौजूद है। इसे हिंदी में उड़न खटोले अथवा उड़न तश्तरी कहते हैं। यूएफओ को पृथ्वी से बाहर किसी ग्रह से एलियन द्वारा संचालित किया जाता है। हालांकि, अभी तक दुनिया की एक भी रिसर्च में एलियन होने का कोई सबूत नहीं मिल सका है। वैसे एलियन के कोई सबूत भले ही अभी न मिलें हो, लेकिन वैज्ञानिकों ने कभी भी उनके न होने से इन्कार नहीं किया। उनका मानना है कि ब्रह्मांड में करोड़ों-अरबों तारे...

mother's day

Mother's day 14May, Sunday,2023 मातृत्व दुनिया में सबसे बड़ा जुआ है। यह उस उत्तम जीवन शक्ति हैं। यह बहुत बड़ा और डरावना होता है - यह अनंत आशावादी क्रिया होती हैं।" - गिल्डा राडनर माँ का दिन - मातृ दिवस माँ हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण रिश्ते में से एक हैं। वह हमेशा हमारे साथ होती हैं, हमारे सबसे बड़े समर्थक होती हैं और हमेशा हमें प्यार देती हैं। माँ हमारे जीवन का सबसे अहम हिस्सा हैं। मातृ दिवस हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता हैं। यह एक ऐसा दिन हैं जब हम अपनी माँ को उनकी महत्वपूर्णता और हमारी प्यार की अहमियत से समझाते हैं। यह दिन हमारे लिए एक मौका होता हैं जब हम अपनी माँ को स्पेशल महसूस करवाते हैं। माँ हमेशा हमारे लिए अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा बलिदान देती हैं। वह हमेशा हमें सही और गलत के बीच अंतर समझाती हैं। वह हमेशा हमारे सपनों और उन्नति के लिए प्रेरणादायक होती हैं। वह हमेशा हमारे साथ खुशियों और दुखों में होती हैं। इस मातृ दिवस पर हमें अपनी माँ के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। हमें उनके साथ वक्त बिताना चाहिए, उनकी सेवा करनी चाहिए और उन्हें एक स्पेशल तोहफा देना चाहिए। इस मा...

21 मार्च का इतिहास।

 21 मार्च के इतिहास में कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं शामिल हैं । 1804 - नेपोलियन बोनापार्ट ने लूसिटेनिया को अपने शासन के तहत कर दिया। इस घटना में ब्रिटेन के वाइस रॉयल, हॉनोरेबल विलियम कॉर्नवॉलिस ने भारत के पूर्व गवर्नर जनरल वैरीन हेस्टिंग्स के साथ high value contact बनाया था। 1857 - से 1858 तक के भारतीय विद्रोह के दौरान, ब्रिटिश राज्यपाल लॉर्ड कैनपबेल ने दिल्ली को फिर से अपने अधीन में कर लिया था। उन्होंने मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर को गिरफ्तार किया था, जिससे उनके high value contact को काफी नुकसान हुआ था। 1919 - अमृतसर के जलियांवाला बाग में ब्रिटिश सेना ने अमनवीर बघेल समेत बेबाक भारतीयों को फायरिंग से उबारा था। इस घटना में कुछ high value contact भी शामिल थे जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ समर्थन दे रहे थे। 1971 - बांग्लादेश के लिए लड़ाई के दौरान, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू किया था। इस युद्ध में भारत के high value contact सामने आए जो पाकिस्तान के साथ गुप्त तरीके से संचार कर रहे थे। 1980 - अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने कुवैत के बचाव के लिए 'गल्फ वॉर' शुरू किया था। इस युद्ध म...

होली और होलिका दहन की कथाऔर इतिहास

चित्र
होली के त्योहार की एक महत्वपूर्ण रस्म है होलिका दहन।  इस दिन भारत के कई हिस्सों में लोग लकड़ियों का ढेर तैयार करते हैं जिन्हें होली के दिन जलाया जाता है। इस रस्म का मूल उद्देश्य दुष्टों के अंत का प्रतीक होना होता है। होलिका दहन की कहानी भी बहुत ही रोचक है। हमारी धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, प्राचीन काल में हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा था। वह अपने बेटे प्रह्लाद से बहुत प्रेम करता था, लेकिन प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था ।हिरण्यकश अपने बेटे प्रह्लाद के इस भक्ति को सहन नहीं कर पाया और उसे भयंकर तरीके से पीड़ित करता रहा। हिरण्यकश्यप ने अपने बेटे पर कई बार हमला किया, लेकिन प्रह्लाद का विश्वास दुर्गम नहीं हुआ। एक दिन, हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका के साथ मिलकर प्रह्लाद को मारने का प्रयास किया। होलिका का वरदान था कि वह किसी भी आग में नहीं जल सकती थी, लेकिन उसका यह वरदान केवल उसे ही मिला था जो इसे ईमानदारी से लेता था। होलिका ने प्रह्लाद को अपनी गोद में बैठा कर एक बड़े आग के बीच खड़ी हो गई। लेकिन इस बार अद्भुत बात घटी, आग ने होलिका को जलाकर खाक कर दिया लेकिन प्रह्लाद को कुछ नह...