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Indian monsoon

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The climate of India is heavily influenced by the monsoon winds. The sailors who came to India in the historical period were the first to notice the phenomenon on the monsoon.They benefited because of the reversal of the wind system.Because their ships depended on the direction of the wind. The Arabs, who came to India as traders, named this seasonal reversal of the wind system as monsoon.The effect of monsoon lasts between about 20 degrees north and 20 degrees south in tropical areas. ----------------------------------****-------------------------- The following elements are important to understand the process of monsoon. *****************-------********************** 1- Due to the process of cooling and cooling of land and water, an area of ​​low pressure arises on the land part of India, while an area of ​​high pressure is formed over its surrounding seas. 2- In the days of summer, the position of the tropical convergence zone shifts towards the Gangetic plain (this is a world finan...

जल में श्वसन (Respiration in water)

    बहुत से जीव जंतु एवं कीड़े मकोड़े जल में ही रहते हैं और बाहर कब निकलते हैं। यदि इनको जल्द से बाहर निकाला जाए तो यह मर जाते हैं उनके शोषण में विशेष अंग पाए जाते हैं । मछली एक जलीय जीव है इसके शरीर पर्सन को होते हैं इसके शरीर पर आंख तथा पंख होते हैं और सांस लेने के लिए गर्लफ्रेंड होते हैं या गर्ल फलों की सहायता से सांस लेती है और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ती है।

घडे में पानी ठंडा क्यों होता है?

दोस्तों अगर आप घडे में पानी रखते हैं तो वह ठंडा हो जाता है जबकि अन्य बर्तनों में रखते हैं तो ठंडा नहीं होता ऐसा क्यों होता है आज जानेंगे। पानी का ठंडा होना वाष्पीकरण की किया पर आधारित है । मिट्टी के बने घड़े में बाहरी पृष्ठ पर असंख्य छिद्र होते हैं जिन पर अंदर जल रीस रीस कर इकट्ठा हो होता है वायुमंडल की हवा जब इन से टकराती है तो वाष्पीकरण के लिए आवश्यक गुप्त उस्मा अंदर के जल से ले लेती है जिससे घड़े के अंदर का पानी ठंडा हो जाता है इसके विपरीत अन्य बर्तनों की सतह पर छिद्र नहीं होते आत : पानी का वाष्पीकरण नहीं हो पाता जिससे पानी ठंडा नहीं होता । नोट:- अगर आपको इस पोस्ट में कोई गलती नजर आई हो कमेंट में जरूर बताएं।

राष्ट्रपति प्रणाली

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राष्ट्रपति प्रणाली क्या है। राष्ट्रपति प्रणाली ........................………….............................. दुनिया में हर जगह राष्ट्रपति भारत की तरह औपचारिक शासन अध्यक्ष नहीं होता। दुनिया के अनेक देशों में राष्ट्रपति आष्टा अध्यक्ष भी होता है और सरकार का मुखिया भी। अमेरिकी राष्ट्रपति इस तरह के राष्ट्रपति का जाना माना उदाहरण है। उसका चुनाव लोग प्रत्यक्ष वोट से करते हैं। वही अपने मंत्रियों का चुनाव और नियुक्ति करता है। कानून बनाने का काम अभी भी विधायका (अमेरिका में उसे कांग्रेश कहा जाता है) करती है पर राष्ट्रपति किसी भी कानून को वीटो के अधिकार से रोक सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि राष्ट्रपति बनने के लिए उसे कांग्रेश के बहुमत के समर्थन की जरूरत नहीं होती और ना ही वह उसके प्रति उत्तरदाई हैं। उसका 4 साल का तरीका निकाल है और अपनी पार्टी का कांग्रेस में बहुमत न होने पर भी वो आराम से अपना कार्यकाल पूरा करता है। अमेरिकी मॉडल को लातीन अमेरिका के अनेक देशों और सोवियत संघ का हिस्सा है कई देशों मैं अपनाया गया है। क्योंकि सरकार के इस स्वरूप में राष्ट्रपति की भूमिका केंद्रीय होती है इस...