ओणम का त्यौहार कब क्यों और कहां मनाया जाता है?

 ओणम, केरल राज्य में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिन्दू त्योहार है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि के प्रति आभार व्यक्त करना है। यह त्योहार चिंतामणि महोत्सव के रूप में भी जाना जाता है और यह चिंतामणि महोत्सव के आयोजन से संबंधित है, जो मलयालम मासमार्गशिर्ष (नवम्बर-दिसम्बर) में मनाया जाता है। ओणम का उद्याननंदन (अन्दरबन्दन) भी कहा जाता है।

इस त्योहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है पुक्कल कालं, जिसमें लोग खुदरा पूजन के लिए विविध रंगों की फूलों से रची गई पुक्कल (फूलों की श्रृंगारिक रचना) बनाते हैं। इसके साथ ही, ओणम की परंपरागत नृत्य प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न गीत भी गाए जाते हैं, जो त्योहार की आत्मा को दर्शाते हैं।

ओणम का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा साद्या (अल्ल ओणम) है, जिसमें विशेष रूप से बनाए गए साद्या सागर नामक व्यंजन को खाया जाता है। यह एक परंपरागत मलयालम थाली होती है, जिसमें अनेक प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन शामिल होते हैं।

ओणम का त्योहार आदिकाल से ही मनाया जाता आया है और यह किसानों के लिए खरिफ प्रमुख फसलों की पूजा होती है, जिससे उन्हें अच्छी फसल और सुरक्षित मौसम की कामना की जाती है। इसके साथ ही, ओणम समाज में एकता, सामर्थ्य और खुशहाली की भावना को भी प्रकट करता है।




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