गगनयान के योद्धा।
3 साल की ट्रेनिंग के बाद इतिहास बनाने को तैयार हैं । गगनयान के योद्धा।
आईए जानते हैं इन योद्धाओं के बारे में
1976 में केरल में जन्म लिया प्रशांत नायर ने एनडीए से ट्रेनिंग लेकर के अधिकारी बने । इन्हें दिसंबर 1998 में वायु सेवा में लड़ाकू पायलट के रूप में भर्ती किया गया। प्रशांत नायर के पास लगभग 3000 घंटे की उड़ान का अनुभव है।



आईए जानते हैं इन योद्धाओं के बारे में
ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर

इन्होंने सू-30 एमकेआई, मिग- 21 मिग-29 हॉक डोर्नियर एएन-32 विभिन्न विमान उड़े हैं।
ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन

1982 चेन्नई में जन्मे कृष्णन NDA के पूर्व छात्र है। उन्हें जून 2003 में भारतीय वायुसेना में लड़ाकू पायलेट के रूप में नियोक्त किया गया था। लगभग 2,900 घंटे का अनुभव के साथ वह एक परीक्षण पायलट है।
सू -30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, डोर्नियर और जैन -32 सहित विभिन्न प्रकार के विमान उड़ाए है।
ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप

1982 में प्रयागराज में जन्म हुआ एनडीए के जरिए वायुसेना में अधिकारी बने। दिसंबर 2004 में वायुसेना में लड़ाकू पायलट के तौर पर शामिल किया गया। 2,000 घंटे का उड़ान अनुभव है।
इन्होंने सू-30 एमकेआई, मिग-21,मिग-29, जगुआर, हांक विमान उड़ाए है।
विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला

1985 लखनऊ में जन्म हुआ। 2006 में NDA से लड़ाकू पायलट के रूप में शामिल किया गया। 2,000 घंटों से अधिक का उड़ान अनुभव है। इन्होंने सू-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर,हांक , डोर्नियर और एएन-32 समेत अन्य विमान उडा चुके हैं।
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