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अंक पत्र संशोधन पर सीधे बात करेगा परीक्षार्थी से यूपी बोर्ड

  अंक पत्र संशोधन पर सीधे बात करेगा परीक्षार्थी से यूपी बोर्ड। अंकपत्र संशोधन प परीक्षार्थी सीधे बात करेगा बोर्ड प्रयागराज हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के अंकपत्र प्रमाणपत्रों में त्रुटि संशोधन प्रदेश भर में लंबित 59860 मामलों का निस्तारित करा के बाद यूपी बोर्ड अब नए मामले भी लंबित नहीं रहने देगा। यूपी बोर्ड के सचिव दिव्याकांत शुक्ला का मानना है कि त्रुटि में संशोधन के लिए दूर जिलों से क्षेत्रीय कार्यालय तक विद्यार्थी व उनके अभिभावक परेशान होते हैं। इस परेशानी को 'खत्म करने के लिए संशोधन की प्रक्रिया आनलाइन की जा रही है, ताकि किसी को क्षेत्रीय कार्यालय न आना पड़े। इसके साथ ही संशोधन के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थी उनके मोबाइल नंबर पर यूपी बोर्ड से सीधे बात कर परखा आएगा कि निस्तारण में कोई अड़चन तो नहीं आई।

वसुदेवकुटुम्बकम का पूरा श्लोक अर्थ सहित।

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वसुदधैव कुटुंबकम।।vasuddhaiva kutumbakam  आप सभी ने हाल ही में हुए जी-20 समिति में वसुदेव कुटुंबकम आपने देखा हुआ जरूर देखा होगा। और भारत के नए संसद भवन में भी यह प्रवेश द्वार पर लिखा हुआ है। क्या आपको इसका पूरा श्लोक पता है। अगर नहीं पता है तो हर इस आर्टिकल में आप पढ़ पाएंगे। वसुदधैव कुटुंबकम किस उपनिषद से लिया गया है? यह श्लोक महा उपनिषद से लिया गया है यह उपनिषद् के छठे अध्याय 74वें शोक में आता है यह उपनिषद् ऋग्वेद से जुड़ा है वसुदेव कुटुंबकम का पूरा श्लोक और इसका भावार्थ। अयं निज: परो वेति गणना लघुचेतसाम् । उदार चरितानां तु वसुधैव कुटुंबकम् ।। भावार्थ :- यह मेरा है, या पराया है, इस प्रकार की गणना लघु चरित्र वाले लोग करते हैं उधर चरित्र वाले मनुष्य के लिए तो पूरी पृथ्वी ही कुटुंब है अर्थात परिवार है। शब्दकोश   अयं — यह निज: — अपना परो वा — या पराया गणना — गिणती लघुचेतसाम् — छोटे दिल वालों की उदारचरितानाम् — उदार , बड़े , महान दिल वालों के वसुधैव — पृथ्वी ही कुटुंबकम् — परिवार इन आर्टिकल्स को भी पढ़ें  गीता के श्लोक लाल बहादुर शास्त्री daily current ...

अनंत चतुर्दशी

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  अनंत चतुर्दशी, एक हिन्दू त्योहार है जो भारत में मनाया जाता है। यह त्योहार भगवान विष्णु की पूजा और भगवद गीता के उपदेश को याद करने के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लोग अनंत के साथ व्रत रखते हैं और अनंत प्रेम का संकेत देने के लिए सोने के लूट की माला प्राप्त करते हैं। यह त्योहार हिन्दू कैलेंडर के आखिरी भद्रपद मास के द्वादशी और चतुर्दशी के बीच मनाया जाता है। अनंत चतुर्दशी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? अनंत चतुर्दशी का त्योहार मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा और भगवद गीता के उपदेश को याद करने के रूप में मनाया जाता है। इसका महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु ने अपने भक्त परमालया को अनंत का दर्शन कराया और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति की वरदान दिया था। इस तिथि को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है क्योंकि "अनंत" शब्द का अर्थ होता है "अनंतकाल" यानी अनंतकाल तक का अर्थात् मोक्ष का प्राप्त होना। इस दिन लोग अनंत प्रेम और सामर्पण का प्रतीक मानते हैं और अपने परिवार के साथ मिलकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इसके अलावा, अनंत चतुर्दशी को पितृ पूजा के रूप में भी मनाया जाता है, जिसमें पितृग...

स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) , स्टीफन हॉकिंग की भविष्यवाणी

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स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) एक प्रमुख ब्रिटिश थ्योरेटिकल फिजिकिस्ट थे, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण ग्रविटेशनल फिजिक्स और कॉस्मोलॉजी के क्षेत्र में अपने योगदान से मशहूरी प्राप्त की उनकी जीवनी: स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को लंडन, इंग्लैंड में हुआ था। हॉकिंग को 21 वर्ष की आयु में अमियबा मोटर न्यूरॉन डिसीज का डायग्नोसिस लगा, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती रही, और वे वीलचेयर का इस्तेमाल करने लगे।उनकी पुस्तक "A Brief History of Time" विश्व भर में बहुत प्रसिद्ध हुई और वे अपनी कमजोरी के बावजूद विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान करते रहे। स्टीफन हॉकिंग एक बहुत ही रोचक व्यक्ति थे, जिनके बारे में कुछ रोचक बातें निम्नलिखित हैं: वैज्ञानिक जीवन: हॉकिंग ने अपने वैज्ञानिक जीवन में कई महत्वपूर्ण अविष्कार किए, लेकिन उनका सबसे प्रमुख काम "ब्लैक होल" के बारे में था। उन्होंने ब्लैक होल्स के बारे में नई सोच और सिद्धांत प्रस्तुत किए और ब्लैक होल्स के विस्तार अध्ययन के माध्यम से अपना नाम विश्व परम्परागत भौतिकी में किया। ALS के साथ जीवन: हॉकिंग के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्...

इस बार यूपी बोर्ड पेपर में जरूर पूछा जाएगा यह प्रश्न एक बार जरूर पढ़ें

 इस बार यूपी बोर्ड पेपर में आने इस प्रश्न के आने की संभावना ज्यादा है। इसलिए इस प्रश्न को जरूर याद कर लें। यूपी बोर्ड की तैयारी कर रहे बच्चे व्हाट्सएप ग्रुप में जरूर जुड़े Join down  Join watsapp group प्रश्न है महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए तीन आंदोलन का वर्णन कीजिए? असहयोग आन्दोलन महात्मा गांधी ने भारतीय राजनीति में प्रवेश ब्रिटिश सरकार के सहयोगी के रूप में किया था, क्योंकि उन्हें ब्रिटिश सरकार की ईमानदारी व न्यायप्रियता में विश्वास था, परन्तु वर्ष 1919 में भारत में अनेक ऐसी घटनाएं घटी, जिन्होंने गांधीजी को ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आन्दोलन प्रारम्भ करने के लिए विवश किया। इन घटनाओं में वर्ष 1919 का दमनकारी रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड आदि घटनाएँ प्रमुख थी।  सविनय अवज्ञा आन्दोलन सविनय अवज्ञा का अर्थ विनम्रतापूर्वक आहा या कानून की अवहेलना करना है। सविनय अवज्ञा गांधीजी के आन्दोलनों की विशेषता रही है। इसके अन्तर्गत विनम्र तथा अहिंसक होकर सरकारी कानूनों का उल्लंघन किया जाता है। वर्ष 1930 में महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आन्दोलन प्रारम्भ किया था। इसके लिए उन्होंने न...

जानिए क्या है 84 कोसी यात्रा और हर व्यक्ति को क्यों करनी चाहिए यह यात्रा..??

  84 कोसी यात्रा और हर व्यक्ति को क्यों करनी चाहिए यह यात्रा? वेद-पुराणों में ब्रज की 84 कोस की परिक्रमा का बहुत महत्व है, ब्रज भूमि भगवान श्रीकृष्ण एवं उनकी शक्ति राधा रानी की लीला भूमि है।  इस परिक्रमा के बारे में वारह पुराण में बताया गया है कि पृथ्वी पर 66 अरब तीर्थ हैं और वे सभी चातुर्मास में ब्रज में आकर निवास करते हैं। करीब 268 किलोमीटर परिक्रमा मार्ग में परिक्रमार्थियों के विश्राम के लिए 25 पड़ावस्थल हैं। इस पूरी परिक्रमा में करीब 1300 के आसपास गांव पड़ते हैं। कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी 1100 सरोवरें, 36 वन-उपवन, पहाड़-पर्वत पड़ते हैं। बालकृष्ण की लीलाओं के साक्षी उन स्थल और देवालयों के दर्शन भी परिक्रमार्थी करते हैं, जिनके दर्शन शायद पहले ही कभी किए हों। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को यमुना नदी को भी पार करना होता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने मैया यशोदा और नंदबाबा के दर्शनों के लिए सभी तीर्थों को ब्रज में ही बुला लिया था। 84 कोस की परिक्रमा लगाने से 84 लाख योनियों से छुटकारा पाने के लिए है..परिक्रमा लगाने से एक-एक कदम पर जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। ...

ट्रैफिक पुलिस रंजीत कुमार सिंह जब बच्चों की मदद की

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 ट्रैफिक पुलिस के इस सिपाही का नाम रंजीत सिंह यादव है। 2 बच्चे रोड क्रॉस कर रहे थे सिग्नल बंद था बच्चे के पाँव जल रहे थे।  बच्चे ने कहा- सर पाँव जल रहे हैं, रोड क्रॉस करवा दो, रंजीत ने कहा- जब तक ट्रैफ़िक रुकता नहीं मेरे पैर पर पैर रख लो" सिपाही रंजीत सिंह जी ने अपने फ़ेसबुक पर लिखा है- जैसे ही उस बच्चे ने मेरे पैरों पर पाँव रखा, मुझे ऐसा लगा जेसे भगवान ने मेरे ऊपर पाँव रख दिए। मैंने चप्पल ख़रीद के दे तो दीं पर आज का ये अहसास ज़िंदगी भर याद रहेगा...!