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अन्य मापदंड क्या है? KP learning

  दोस्तों आज हम एक ऐसे टॉपिक पर बात करेंगे तो बहुत सारी परीक्षा में पूछा जाता है। दोस्तों आज की पोस्ट में हम जानेंगे अन्य मापदंड क्या है? Keywords अन्य मापदंड क्या है? अन्य मापदंड क्या होता हैं? अन्य मापदंड के बारे में बताइए? अन्य मापदण्ड - प्रति व्यक्ति आय (या औसत आय) के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धनता तथा सामाजिक सुविधाएँ भी मानव-विकास के अन्य प्रमुख निर्धारक मापदण्ड हैं। वस्तुतः आय उन भौतिक वस्तुओं व सेवाओं का पर्याप्त सूचकांक नहीं है जिनका प्रयोग नागरिक करते हैं। अच्छे जीवन-यापन के लिए आवश्यक सभी वस्तुएँ या सेवाएँ नहीं खरीदी जा सकत उदाहरणार्थ-धन से प्रदूषण मुक्त स्वस्थ वातावरण नहीं खरीदा जा सकता। वैसे ही भौतिक सुख धन से खरीदा जा सकता है, परंतु मानसिक सुख नहीं। अन्य मापदंड वह उपाय हैं, जिनका उपयोग समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान करने के लिए किया जाता है। ये मापदंड विभिन्न सेक्टरों में इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी आदि। शिक्षा में, मापदंड बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन के आधार पर तैयार किए जाते हैं। इसमें उनकी अध्ययन योग्यता, उनके शैक्षिक...

आय मापदंड क्या है? KP learning

 दोस्तों आज हम इस पोस्ट में आय मापदंड के बारे में पड़ेंगे। Keywords आय मापदंड क्या है? आय मापदंड क्या होता है? आय मापदंड के बारे में बताइए? आय मापदण्ड - विकास के सम्बन्ध में अभी तक यह बात पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है कि केवल 'आय' इसका पर्याप्त सूचकांक (indicator) नहीं हो सकती। औसत आय का मूल्यांकन करते समय इसका विरोधाभास भी उजागर हो चुका है कि कैसे यह प्रत्येक व्यक्ति की सम्पन्न्ता या विकास का सूचकांक नहीं हो सकती। प्रायः राज्यों का तुलनात्मक अध्ययन प्रति-व्यक्ति आय (औसत आय) के आधार पर किया जाता है, परंतु प्रति-व्यक्ति आय (या औसत आय) के आधार पर मानव-विकास का सही-सही मूल्यांकन नहीं किया जा सकता।

भारतीय जनता पार्टी के बारे में बताइए? KP learning

दोस्तों आज हम भारतीय जनता पार्टी के बारे में जानेंगे भारतीय जनता पार्टी के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है। Keywords भारतीय जनता पार्टी के बारे में बताइए? भारतीय जनता पार्टी    पुराने भारतीय जन संघ को जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने सन् 1951 में गठित किया, पुनर्जीवित करके सन् 1980 में यह पार्टी बनाई गई। भारत की प्राचीन संस्कृति और मूल्य, दीनदयाल उपाध्याय के विचार-समग्र मानवतावाद एवं अन्त्योदय से प्रेरणा लेकर मजबूत और आधुनिक भारत बनाने का लक्ष्य, भारतीय राष्ट्रवाद और राजनीति की इसकी अवधरणा में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद अर्थात्हिन्दुत्व एक प्रमुख तत्व है। इस दल का चुनाव चिन्ह कमल का फूल है। यह पार्टी जम्मू और कश्मीर को क्षेत्रीय और राजनीतिक स्तर पर विशेष दर्जा देने के खिलाफ रही है और वर्तमान में वहाँ से धारा 35A व 370 हटा दी गयी है। इस दल की प्राथमिकता है कि देश में रहने वाले सभी धर्म के लोगों के लिए समान नागरिक संहिता बनाने और धर्मांतरण पर रोक लगाने के पक्ष में है। 1990 के दशक में इसके समर्थन का आधार बहुत व्यापक हुआ। पहले यह दल देश के उत्तर और पश्चिमी तथा नगरीय क्षेत्रों तक ही ...

सत्ता की साझेदारी का क्या महत्व है? KP learning

 दोस्तों इस पोस्ट में सत्ता की साझेदारी के बारे में बताया गया है। सत्ता की साझेदारी के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है इसे आप आसानी से कर सकते हैं। Keywords सत्ता की साझेदारी क्या होती है? सत्ता की साझेदारी क्या है? सत्ता की साझेदारी के बारे में बताइए? सत्ता की साझेदारी का क्या महत्व है? महत्त्व - सत्ता का बटवारा सम्भव नहीं - इसी धरणा से निजात पाने के लिए सत्ता की साझेदारी के विचार ने जन्म लिया। बहुत समय से यही मान्यता चली आ रही थी कि सरकार की समस्त शक्ति किसी एक व्यक्ति या किसी विशेष स्थान पर रहने वाले व्यक्तियों के समूह के हाथ में रहनी चाहिए। इस मान्यता के अनुसार अ सत्ता की साझेदारी नहीं हो सकतीक्योंकि साझेदारी की स्थिति में अविलम्ब निर्णय लेना और उन्हें लागू करना सम्भव नहीं हो पाएगा। परंतु, लोकतंत्र का एक बुनियादी सिद्धांत यह है कि सामान्य जनता ही समूची राजनीतिक शक्तियों का स्रोत है।  लोकतन्त्र में जनता अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन का संचालन करती है। एक अच्छे, लोकतांत्रिक शासन में समाज के सभी वर्गों के विचारों तथा उनके हितों को ध्यान में रखते हुए सार्व...

सत्ता की साझेदारी का क्या अर्थ है? KP learning

 सत्ता की साझेदारी का अर्थ - विभिन्न समुदायों अथवा क्षेत्रों को सरकार में सत्ता का स्थायी हिस्सा प्रदान करना 'सत्ता की साझेदारी' कहलाता है। इसके अन्तर्गत लोग तथा देश के नेता विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों केविचारों और रुचियों को सम्मान देते हैं। एकता और लोकतन्त्र के विकास के भिन् लिए सत्ता की साझेदारी का सिद्धान्त बहुत महत्त्वपूर्ण है

खनिजों का क्या महत्व है? KP learning

 खनिजों का महत्व (Importance of Minerals)  खनिज हमारे जीवन के अभिन्न अंग है। दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली वस्तुओं में इनका उपयोग होता है। यातायात के सभी साधन, मशीनें, उपकरण, कृषि मशीनें व यन्त्र, पेट्रोलियम पदार्थों से बने सभी पदार्थ, सोने, चाँदी व हीरे से बने आभूषण आदि अनगिनत पदार्थ हमें खनिजों से ही प्राप्त होते हैं। * यह खनिज पदार्थ ही औद्योगिक विकास का आधार हैं। लोहा व कोयला दो ऐसे खनिज हैं, जिनके बिना औद्योगिक प्रगति की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। शक्ति के साधनों में भी खनिजों का महत्त्वपूर्ण स्थान है। बसें, रेलगाड़ियाँ, कारें, हवाई जहाज व अन्य दूसरे वाहन खनिजों से ही बने होते हैं। हमारे भोजन में भी खनिजों का प्रयोग होता हैं। मनुष्य ने विकास की सभी अवस्थाओं में अपनी आजीविका, सजावट, त्यौहारों और धार्मिक अनुष्ठान आदि के लिए भी खनिजों का उपयोग किया है।

खनिज क्या है? KP learning

 जो पदार्थ पृथ्वी के धरातल से खोदकर निकाले जाते हैं उन्हें 'खनिज' कहते हैं। खनिज, प्राकृतिक रूप से मिलने वाले वे पदार्थ हैं जिनकी अपनी भौतिक विशेषताएँ और एक निश्चित रासायनिक होता है। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, खनिज एक प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप (Homogeneous) तत्व है, तथा इनकी एक निश्चित आतंरिक संरचना (Internal structure) होती है। खनिज प्रकृति में विभिन्न रूपों में पाये जाते हैं। जिसमें नरम चूना व कठोर हीरा तक सम्मिलित हैं। खनिज इतने विविध क्यों हैं ? आप चट्टानों के विषय में पहले ही पढ़ चुके हैं। चट्टानें भी खनिजों के समरूप ही तत्वों के यौगिक हैं। कुछ चट्टानें सिर्फ एक ही खनिज से बनी होती हैं, जैसे― चूना पत्थर, परन्तु अधिकांश चट्टानें विभिन्न अनुपातों के कई खनिजों का योग होती हैं। अब तक लगभग 2,000 से ज्यादा खनिजों की खोजहो चुकी है चट्टानों में उपस्थित बहुत-से खनिजों में से कुछ ही खनिज हमारे उपयोग लायक होते हैं। खनिज निश्चित तत्त्वों का सम्मिलित रूप है। इसमें सम्मिलित तत्त्वों का निर्माण उस समय के भौतिक व रासायनिक परिस्थितियों का परिणाम होता है। भौतिक व रसायनिक परिस्थितियों क...